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सिकल सेल एनीमिया की पहचान, जागरूकता और नियंत्रण

सोसाइटी फॉर नेचर एजुकेशन एंड हेल्थ (स्नेह)

In Collaboration with CCL (Central Coalfields Limited)

सिकल सेल एनीमिया : जागरूकता पत्रक

सिकल सेल एनीमिया क्या है?

सिकल सेल एनीमिया खून की एक बीमारी है, जो माता-पिता से बच्चे में आती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) को प्रभावित करता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस बीमारी में खून की लाल कोशिकाएं गोल नहीं होकर चाँद की तरह टेढ़ी-मेढ़ी (अर्धचंद्राकार/हंसिया) हो जाती हैं। ये कोशिकाएं खून में अच्छे से नहीं बहतीं, जिससे शरीर को ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और कई दिक्कतें होती हैं।

कारण (Causes)

जब किसी बच्चे को माँ और पिता दोनों से एक खास तरह का खराब जीन (जिसे HBB जीन कहा जाता है) मिल जाता है, तब उसे सिकल सेल एनीमिया हो सकता है। यह जीन शरीर में खून के लिए जरूरी हीमोग्लोबिन को बदल देता है। हीमोग्लोबिन वह चीज है जो खून में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करती है। जब यह ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर को पूरा ऑक्सीजन नहीं मिल पाता और तब कमजोरी, दर्द और दूसरी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

Normal vs Sickle Cell Diagram
Sickle cells impede blood flow

लक्षण (Symptoms)

  • एनीमिया से थकान: रक्त में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण थकान और कमजोरी महसूस होती है।
  • दर्द के दौरे (सिकल सेल क्राइसिस): अचानक होने वाले तीव्र दर्द, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में हो सकते हैं। अचानक हाथ, पैर, पेट या हड्डियों में बहुत दर्द होता है।
  • सूजन: हाथों और पैरों में सूजन देखी जा सकती है।
  • बार-बार संक्रमण: प्लीहा (प्लीन) के प्रभावित होने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • विकास में देरी: बच्चों में वृद्धि और यौन विकास में देरी हो सकती है।
  • दृष्टि समस्याएं: आंखों की रक्त वाहिकाओं में रुकावट के कारण दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

निदान और उपचार (Diagnosis & Treatment)

निदान (Diagnosis)

सिकल सेल एनीमिया की पहचान खून की जांच से की जाती है। इसमें एक खास जाँच (जिसे हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस कहते हैं) होती है, जो खून में खराब हीमोग्लोबिन को पहचानती है।

उपचार (Treatment)
  • दर्द निवारक: दर्द निवारक दवाओं का उपयोग किया जाता है।
  • हाइड्रोक्सीयूरिया: यह दवा दर्द के दौरे की आवृत्ति को कम कर सकती है और रक्त आधान की आवश्यकता को घटा सकती है।
  • रक्त आधान (Blood Transfusion): गंभीर एनीमिया या अन्य जटिलताओं के मामलों में आवश्यक हो सकता है।
  • अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (Bone Marrow Transplant): कुछ मामलों में, यह एकमात्र संभावित इलाज हो सकता है।

रोकथाम और सावधानियां

  • नियमित चिकित्सा जांच: नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।
  • संक्रमण से बचाव: टीकाकरण और आवश्यकतानुसार एंटीबायोटिक्स का उपयोग करें।
  • स्वस्थ जीवनशैली: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, संतुलित आहार लें, और अत्यधिक थकावट से बचें।
  • जेनेटिक परामर्श: परिवार नियोजन से पहले जेनेटिक परामर्श लें, खासकर यदि परिवार में सिकल सेल रोग का इतिहास है।
सिकल सेल एनीमिया के दुष्प्रभाव : दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी
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सिकल सेल एनीमिया : एक जानकारी पत्रक (खोरठा में)

सिकल सेल एनीमिया का हय?

सिकल सेल एनीमिया खून के एक बीमारी हय, जे माता-पिता से संतान में चल जाथे। ई रोग में खून के लाल कण (RBC) बदल जाथे आऊँ चाँद जइसन टेढ़ा-मेढ़ा हो जाथे। एकरा से खून ठीक से ना बहे पावऽ हय आऊँ देह में ऑक्सीजन के कमी हो जाथे, जेसे बहुत दिक्कत हो सकऽ हय।

का कारण हय?

ई रोग तब होवऽ हय जब HBB जीन में बदलाव हो जाथे। अगर ई खराब जीन माई आऊँ बाप दुनों से मिल जाथे, तब सिकल सेल एनीमिया हो जाथे।

लक्षण:

थकावट आऊँ कमजोरी, दर्द के दौरा (क्राइसिस), हाथ-गाँव में सूजन, बार-बार बेमारी, बचपन में बिकास धीमा, आँख से देखे में दिक्कत।

जांच (निदान) आऊँ इलाज:

खून के जांच से पता चल सकऽ हय। इलाज लेल दर्द कम करे वाला दवा, हाइड्रॉक्सीयूरिया, खून चढ़ावऽ, या बोन मैरो ट्रांसप्लांट हय।

बचाव आऊँ सावधानी :
  • नियमित जांच: समय-समय पर डॉक्टर से दिखावऽ।
  • संक्रमण से बचाव: टीका लगवावऽ आऊँ जरूरत पर दवा लेवऽ।
  • साफ-सुथरा जीवनशैली: खूब पानी पीवऽ, बढ़िया खाना खावऽ, आऊँ थकावट से बचावऽ।
  • जीन जांच (Genetic Counselling): अगर घर में पहिले से ई रोग हय, त शादी के पहिले जीन जाँच जरूर करावऽ।